Hasane wale rulayenge

हँसाने वाले रुलाऐंगे
जादुई हाथों से ललाट सहलाते हैं
पता नहीं कैसे कष्ट सारे खिंच कर उनके हाथों से निकल जाते हैं
उन्हीं कष्टों को बटोरे एक दिन उसके देवता बन जाएंगे
वह अपने ही होंगे जो माथे की शिकन में झलक आएंगे
कितने किस्से वह कहते हैं
ठहाकों के मुखौटे वाले जोकर जिनमें में रहते हैं
तुमको नहीं पता वह कितना तुमको रुलाएंगे
वह हंसी एक उधार ही समझो हिसाब करने जिसका वो आएंगे
हर एक मुस्कान के बदले अश्कों की बूंदे लेकर जाएंगे
जो हंसाते हैं तुमको लोग वही तुमको रुलाएंगे।
                         -तरुण राज
©sensitiveobserver

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Hasane wale rulayenge Hasane wale rulayenge Reviewed by Sensitive_Observer on January 24, 2019 Rating: 5

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